. . . . . . . . . इतिहास में 26 जून . . . . . . . . . .
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आज के दिन यानि 26 जून 1874 को राज ऋषि छत्रपति शाहू जी महाराज कोलहापुर का जन्म हुआ था। ब्राहमण वर्ग के विरोध के बावजूद निम्न वर्ग को 1902 में सरकारी नौकरियों में 50 फीसदी आरक्षण उन्होंने ही दिया था। जब कांग्रेस ने गांधी जी को पार्टी की बागडोर थमाने का फैसला किया तो मुकाबले में बाबा साहेब को नेता के रुप में जनता में उन्होंने ही पेश किया था। उन्होंने अपनी रियासत के गांव मनगांओं में अछूतों की एक सभा की अध्यक्षता की। उन्होंने बोलते हुए कहा कि ’’अंबेडकर के रुप में आपको एक मसीहा मिल गया है। मुझे पूरा भरोसा है कि वो तुम्हारी गुलामी की बेड़ियां चक्नाचूर कर देगा। मेरी जमीर कहती है कि एक दिन ऐसा आएगा जब वो भारत का सबसे बड़ा नेता बन कर चमकेगा। सारे भारत में उसका नाम होगा। देश वासी उसे पसंद करेंगे।’’ आज उनकी बात सच्ची साबित हो रही है। भले ही कोई कांग्रेस या भाजपा का नेता हो वोट लेने के लिए उसे बाबा साहब का नाम लेना ही पड़ता है।
आज ही के दिन यानि 26 जून 1975 को श्रीमती इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा की थी। जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लोक सभा के सदस्य के तौर पर श्रीमती गांधी के चुनाव को रद्द किया तो इंदिरा गांधी ने अपनी शाख बचाने के लिए ऐसा कदम उठाने का फैसला किया। प्रेस पर पाबंदी लागू कर दी गई। विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया। आपातकाल 21 महीने लागू रहा। आज के हालातों के अनुसार भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री लाल कृष्ण आडवाणी ने भी एक नए आपातकाल जैसे हालात बताए हैं। प्रैस जनता के मुद्दों से हटकर पूरी तरह से सरकार का गुणगान कर रही है। सरकार के खिलाफ बोलने से हर कोई घबरा रहा है।
दर्शन सिंह बाजवा
संपादक अंबेडकरी दीप

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