टीवी चैनलों पर एक बुरी खबर आ रही है। कर्नल आशुतोष शर्मा, मेजर अनुज सूद, नायक राजेश, लांस नायक दिनेश, सब इंस्पेक्टर शकील काजी (J&K Police)....ये सभी बहादुर योद्धा हाल में छिंदवाड़ा, कश्मीर में देश के लिए अपनी जान न्योछावर करके इस दुनिया से चले गए हैं। इन्होंने जो लड़ाई लड़ी वो देश के नाम पर थी लेकिन इनके पीछे इनके परिवार भी होंगे। बीवी बच्चे होंगे, बूढ़े मां बाप होंगे। मरने के बाद इनके परिवारों को क्या मिलेगा ? बस कुछ रुपये या कोई और छोटी मोटी सहूलियत। क्या इससे किसी महिला का सुहाग, बच्चों के बाप और बूढ़े मां बाप को बुढ़ापे का सहारा मिल सकता है ? कभी नहीं। खैर इनके परिवारों की बात छोड़ भी दें, जिस वतन के नाम पर ये लोग अपनी जान तक कुरबान कर गए क्या वो सलामत रह पाएगा ? मुझे लगता है इसकी भी कोई गरंटी नहीं है। देश को नुकसान पहुंचाने वाले सिर्फ़ वही लोग नहीं जिनके हाथों में बंदूकें हैं और वो बार्डर के पार खड़े हैं या कहीं जंगल में छुपे हुए हैं। देश को तो ज्यादा खतरा उन लोगों से है जो सत्ता की चाबी अपने हाथ में रखने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। आपको याद होगा कि कुछ समय पहले जम्मू कश्मीर में एक डीएसपी दविंदर सिंह कुछ आतंकियों को हिफाजत से उनके ठिकाने पर पहुंचाते हुए पकड़ा गया था। उसने पकड़े जाने पर कहा था कि यह तो गेम है। यानि कि उसके पीछे कोई और व्यक्ति था जिसके हुक्म से वो ऐसा कर रहा था। मेरे हिसाब से डीएसपी दविंदर सिंह जैसे लोग भी उतने खतरनाक नहीं हैं जितने खतरनाक हमारे देश के कुछ राजनेता हैं। इन बेईमान राजनेताओं की वजह से ही देश का धन लूटकर कुछ लुटेरे आसानी से छूमंतर हो गए। इनकी वजह से ही गरीब और गरीब होता जा रहा है और अमीर और अमीर हो रहा है। इनकी वजह से ही हमारा भाईचारा खत्म हो रहा है। लोग सहमे हुए दिखाई देते हैं। किसी एक समुदाय के सदस्य को किसी दूसरे समुदाय के सदस्य पर से भरोसा उठ गया है। हमें समझना चाहिए कि हमारे देश के दुश्मन तो पार्लियामेंट और विधानसभाओं में बैठे हैं। वो लोगों को मरवा के भी संसद में पहुंचने में सफल हो जाते हैं। संसद में पहुंच कर वो हमारा ध्यान भटकाने के लिए कुछ हमले भी करवा देते हैं और हमें बतलाते हैं कि हमारा दुश्मन सीमा के पार बैठा है। हमारे जवान बंदूक लिए देश की तरफ पीठ किये हुए पड़ोसी देश की तरफ निगाह टिकाए दुश्मन को ढूंढते रहते हैं और पीछे से देश का सबकुछ यह लुटेरे लूट लेते हैं। इन देश पर कुरबान होने वालों को सल्यूट है लेकिन लड़ाई तो खतरनाक राजनेताओं के खिलाफ लड़ी जानी चाहिए।
On April 13, 2023, the birthday of Dr. Bhimrao Ambedkar was celebrated with great enthusiasm at the Bhim Rao Ambedkar Social Educational and Welfare Club Bhasaur (Reg. DIC/DRA 14119 OF 2019) in the village of Bhasaur. This event is commemorated annually, and its focus is to inspire children towards education. The program was graced by the presence of Dr. Makhan Singh, a retired Deputy Director from the Health Department of Punjab, who attended as the chief guest. Additionally, Sardar Pavitar Singh, the former District BSP President Sangrur, Sardar Amrik Singh Kanth, the District BSP President Sangrur, Malvinder Singh, the Halka Dhuri BSP President, and Principal Gurbakhsh Singh Ji were present at the event. The speakers at the program informed the audience about Dr. Bhimrao Ambedkar's ideology and the significant works he accomplished during his lifetime. Singer Preet Kaur Dhuri captivated everyone's attention with her beautiful songs, while the children's performances ad...

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